tag:blogger.com,1999:blog-20367415.post-42963168751354252282007-10-13T08:47:00.000-07:002007-10-13T08:56:45.964-07:00आया हवाई ऑपरेटिंग सिस्टम<strong><span style="color:#cc0000;">वेब-भूमि-7</span></strong><br /><br /><span style="color:#000099;">कंप्यूटर और इंटरनेट का गंभीर रूचि रखने वाले मेरे बेटे की जिज्ञासा थी – क्या बिना ऑपरेटिंग सिस्टम किसी एप्लीकेशन या सॉफ्टवेयर पर काम किया जा सकता है ? मैंने तब यूँ ही कहा था – यह तो नामुनकिन है । लगभग टाल-सा दिया था उसे । शायद मैं भी भारतीय टेक्नोक्रेट्स के कौशल का आंकलन नहीं कर सका था जिनके बदौलत हम गर्व के साथ कह सकते हैं कि जी हाँ, अब बगैर ऑपरेटिंग सिस्टम अपने कम्प्यूटर या पीसी को हम कहीं से भी एक्सेस कर सकते हैं। और सिर्फ इतना ही नहीं किसी भी ऑपरेटिंग सिस्टम की फाइलों को किसी भी कंप्यूटर पर रीड़ कर सकते हैं, उनका उपयोग भी कर सकते हैं । हमारे पास इंटरनेट कनेक्शन मात्र हो । कहने का आशय तो यही कि अब हवा में होगा हमारा ऑपरेटिंग सिस्टम ।<br /><br />एक कंप्यूटर उपयोगकर्ता इतना तो जानता ही है कि यदि पीसी के हार्ड डिस्क यानी कि बूटिंग डिस्क में ऑपरेटिंग सिस्टम ही न हो तो उसके सम्मुख कभी भी कमांड प्राम्ट नहीं आयेगा । कंमाड प्राम्ट नहीं आयेगा तो पीसी किसी भी उपयोग लायक नहीं रहेगा, तब वह खाली डिब्बे से ज़्यादा नज़र नहीं आयेगा । ऑपरेटिंग सिस्टम ही वह मंच है जो पीसी को काम करने योग्य बनाता है । यही कारण है कि पहले हार्ड डिस्क पर सबसे पहले ऑपरेटिंग सिस्टम (ओएस) इंस्टाल होता हैं जिसकी सहायता से किसी भी इंस्टाल किये एप्लीकेशन या सॉफ्टवेयर पर मनमाफ़िक कार्य किया जा सकता है । चाहे वह विडोंज हो या मैक या फिर लाइनेक्स या यूनिक्स ही क्यों न हो ।<br /><br />आम पीसी उपभोक्ता यह भी जानता है कि एक आपरेटिंग सिस्टम में तैयार फाइल किसी अन्य आपरेटिंग सिस्टम वाले पीसी में कतई काम नहीं आता है । उदाहरण के तौर पर यदि विडोंज के एमएसवर्ड में तैयार डेटा या फाईल को मैकिंटोश या लिनक्स के वर्ड पर न खोला जा सकता है, न पढ़ा जा सकता है न ही उसमें संशोधन किया जा सकता है । यह सभी जानते हैं कि विभिन्न देशों में अलग-अलग तरह के ओएस(operating system) प्रचलित हैं । यहाँ तक कि एक ही देश के विभिन्न शहरों में भी समान ओएस प्रचलित नहीं है । यह भी कम अड़चन नहीं थी । इसे एक उदाहरण से समझते हैं - माना कि किसी भारतीय को किसी ऐसे देश में चाहे व्यापार के सिलसिले में हो या जॉब या किसी अन्य प्रसंग पर प्रस्तुतिकरण (Presentation) करना हो, और वहाँ के पीसी में विंडोज के स्थान पर लाइनेक्स या मैक ओएस वाली पीसी हो तो वह सीडी या पेन ड्राइव में डेटा रखने के बाद भी किंकर्तव्यविमूढ़ होकर रह जायेगा । सब कुछ उसका धरा का धरा रह जायेगा । प्रौद्योगिकी की तेज रफ़्तार वाले इस युग में इस कंप्यूटरी बाधा को दूर करने में हो सकता है कि कई देश के टेक्नोक्रेट लगे हों पर सफलता जिसे सबसे पहले मिली है उनमें भारतीय भी हैं । इसका हल ढूँढ़ निकाला है मद्रास के सॉफ्टवेयर इंजीनियरों ने । नाम है निवियो । पता है – </span><a href="http://www.nivio.com/"><span style="color:#000099;">www.nivio.com</span></a><span style="color:#000099;"> ।<br /><br />यूँ तो वर्षों से ब्राउज़र के मार्फत ऑइस तरह के लिनक्स आधारित रिमोट ऑपरेटिंग सिस्टम का उपयोग की बात सुनाई देती है । कई ऐसे ऑनलाइन प्रयोग भी हो चुके हैं और कुछ तो सफल भी हो रहे हैं । (आज कम से कम 12 प्रकार के ऐसे ही ऑनलाइन ऑपरेटिंग सिस्टम प्रचलन में हैं । इसमें प्रमुख हैं - </span><a href="http://www.craythur.com/" target="_blank"><span style="color:#000099;">1. Craythur</span></a><span style="color:#000099;"> (</span><a href="http://www.craythur.com/"><span style="color:#000099;">www.craythur.com</span></a><span style="color:#000099;">) </span><a href="http://desktoptwo.com/"><span style="color:#000099;">2. Desktoptwo</span></a><span style="color:#000099;"> (</span><a href="http://www.desktoptwo.com/"><span style="color:#000099;">www.desktoptwo.com</span></a><span style="color:#000099;">) </span><a href="http://eyeos.org/"><span style="color:#000099;">3. EyeOS</span></a><span style="color:#000099;">(www.eyeos.com) </span><a href="http://www.glidedigital.com/"><span style="color:#000099;">4. Glide</span></a><span style="color:#000099;"> (www.glidedigital.com) </span><a href="http://www.goowy.com/"><span style="color:#000099;">5. Goowy</span></a><span style="color:#000099;"> (</span><a href="http://www.goowy.com/"><span style="color:#000099;">www.goowy.com</span></a><span style="color:#000099;"> )</span><a href="http://www.orcaa.com/"><span style="color:#000099;">6. Orca</span></a><span style="color:#000099;"> (www.orcaa.com)</span><a href="http://purefect.klorofil.org/demo/"><span style="color:#000099;">7. Purefect</span></a><span style="color:#000099;"> </span><a href="http://giffard.dynalias.net/ssoe/"><span style="color:#000099;">8. SSOE</span></a><span style="color:#000099;"> </span><a href="http://www.xindesk.com/"><span style="color:#000099;">9. XinDESK</span></a><span style="color:#000099;"> </span><a href="https://www.youos.com/"><span style="color:#000099;">10. YouOS</span></a><span style="color:#000099;"> (</span><a href="http://www.youos.com/"><span style="color:#000099;">www.youos.com</span></a><span style="color:#000099;">) ) परंतु विंडोज़ एक्स-पी आधारित </span><a href="http://www.nivio.com/index.html"><span style="color:#000099;">निवियो</span></a><span style="color:#000099;"> नामक यह वेब अनुप्रयोग अपने किस्म का अनोखा और अव्वल है । </span><br /><span style="color:#000099;"><br />यदि आप इस ऑनलाइन आपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल करने की ख्वाहिश रखते हैं तो चलिए हमारे साथ – पहले इंटरनेट से जुडिए । फिर </span><a href="http://www.nivio.com/"><span style="color:#000099;">www.nivio.com</span></a><span style="color:#000099;"> पर लॉग आन होइये । कुछ ही क्षण मे ओएस आपके सम्मुख होगा । हो सकता है कि आपको कुछ ज्यादा इंतजार करना पडे । ओएस के आते ही स्वयं को रजिस्टर कीजिए । रजिस्टर्ड होते ही आप प्रयोगकर्ताओं की कतार में सम्मिलित हो जायेंगे । तब वह खुद ब खुद आपको आमंत्रित करेगा कि आइये मेरे आका ! मैं आपकी सेवा के लिए तैयार हूँ । जब एक बार डेस्कटॉप को एक्सेस कर लेंगे तो आप मुक्त और आराम से कई तरह के प्रोग्रामों पर कार्य कर सकते हैं जैसे – वर्ड, एक्सेल, पॉवरपाइंट आदि-आदि । शुरु में आपको इस आनलाइन आपरेटिंग सिस्टम पर कार्य करने के लिए एक माह का समय मिलेगा । इसके बाद आपको निवियो कंपनी को प्रत्येक माह 399 रुपया अदा करने होंगे जो सुविधा को देखते हुए कम ही है । विद्यार्थियों के लिए यह शुल्क मात्र 199.50 रुपये प्रति माह है । निवियो को अदा की गई राशि के एवज में आपको एक पैकेज मिलेगा जिसमें 5 जीगाबाइट आनलाइन स्टोरेज, संपूर्ण विंडोज डेस्कटाप, एडाब एक्रोबेट रीडर8, आइट्यून्स और फॉयरफॉक्स मिलेगा । इसी साइट पर माइक्रोसाफ्ट ऑफिस 2003 भी कुछ शुल्क के साथ उपयोग हेतु उपलब्ध है । यदि आप पैसा बचाना चाहते हैं तो वैकल्पिक तौर पर वहाँ ओपन ऑफिस सुइट पर काम कर सकते हैं ।<br /><br />निवियो की विशेषता यह भी है कि वह सुरक्षा सेवा भी प्रदान करती है – यहाँ की सभी फाइलें वायरस और स्पैम मुक्त होती है । फिलहाल तो यह बीटा संस्करण(टेस्टिंग) की स्थिति में है । आम जन के इस्तेमाल के लिए जारी नहीं किया गया है । उपयोगिता की दृष्टि से यद्यपि यह हिंदी में काम करने वालों के लिए किसी खास काम का नहीं है किन्तु भविष्य में यहाँ वांछित एप्लीकेशनों को भी इंस्टाल करके उपयोग किया जा सकता है । खास कर उन लोगों के लिए जो लैपटाप का बोझ भी नहीं उठाना चाहते । या फिर लैपटाप भी खरीदना नहीं चाहते । यहाँ अपना बैकअप भी सुरक्षित रखा जा सकता है । यहाँ अतिमहत्वपूर्ण दस्तावेज भी सबकी नजर बचाकर रखा जा सकता है । फिलहाल और क्या चाहिए । आइये स्वागत करें इस विडोंज आधारित विश्व के प्रथम ऑनलाइन ऑपरेटिंग सिस्टम का ।<br /><br /><br /><br /><br /></span><div class="blogger-post-footer"><img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/20367415-4296316875135425228?l=jayprakashmanas.blogspot.com'/></div>जयप्रकाश मानसhttp://www.blogger.com/profile/16792869521782040232noreply@blogger.com4